दिनांक 22 सितंबर 2025 को महाविद्यालय में काष्ठ कला कार्यशाला का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया, जिसमें 63 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. डी. के. मस्ता रहे तथा कार्यशाला का संचालन काष्ठ कला विशेषज्ञ एवं सहायक प्राध्यापक भूगोल श्री पी. एस. चुरेन्द्र द्वारा किया गया। यह 30 दिवसीय कार्यशाला विद्यार्थियों को काष्ठ कला की विविध तकनीकों, शिल्पकला की बारीकियों तथा इसके सांस्कृतिक एवं व्यावहारिक महत्व से परिचित कराने हेतु आयोजित की गई है। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने काष्ठ कला के ऐतिहासिक महत्व एवं विद्यार्थियों के कौशल विकास में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला, वहीं विशेषज्ञ द्वारा इस कला के माध्यम से आजीविका के अवसरों की जानकारी दी गई। यह कार्यशाला विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता एवं परंपरागत कला के संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करने वाली सिद्ध हुई।