दिनांक 30 मार्च 2026 को शहीद गैंद सिंह नायक शासकीय महाविद्यालय, मंगचुआ (जिला बालोद, छत्तीसगढ़) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा सेमीनार कक्ष में “लैंगिक समानता” विषय पर एक प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन दोपहर 12:00 बजे किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं राज्य गीत “अरपा पैरी के धार” के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्रीमती ललिता साहू, सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र), शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव का पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन श्री पी. एस. चुरेंद्र द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने लैंगिक समानता के महत्व को वर्तमान सामाजिक आवश्यकता बताया। प्राचार्य डॉ. अमृता एस. कस्तुरे ने अपने संबोधन में समाज के समग्र विकास हेतु महिला एवं पुरुष दोनों को समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से भेदभाव समाप्त करने का संदेश दिया। मुख्य वक्ता श्रीमती ललिता साहू ने लैंगिक समानता को मौलिक मानव अधिकार बताते हुए वेतन असमानता, महिलाओं के प्रति हिंसा एवं कम भागीदारी जैसी समस्याओं पर प्रकाश डाला तथा उनके समाधान हेतु शिक्षा, जागरूकता एवं आर्थिक सशक्तिकरण को आवश्यक बताया, साथ ही उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 एवं विभिन्न कानूनों जैसे दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम तथा POSH Act की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के अंत में श्री डी. के. मस्ता द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे और विद्यार्थियों ने पूरे व्याख्यान को ध्यानपूर्वक सुनते हुए सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित की। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा, जिसने विद्यार्थियों में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।